ये है हुस्न की सौदागर: कम उम्र की लड़कियों को फसा कर चलाती थी सेक्स रैकैट

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में बड़ी हस्तियों से शारीरिक संबंध बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह की SIT ने जांच शुरू कर दी है। SIT प्रमुख और एडीजी (काउंटर इंटेलीजेंस) संजीव शमी इंदौर पहुंचे और छात्रा मोनिका से करीब चार घंटे पूछताछ की

सूत्रों के अनुसार इस दौरान मोनिका ने आरती और श्वेता के बारे में खुलकर जानकारियां दीं और कहा कि दोनों के कई नेताओं और अधिकारियों से संबंध हैं। कई लोगों को तो वह खुद के फोटो और वीडियो भी भेजती हैं। लोग पोस्टिंग, ठेकों के लिए उनसे संपर्क करते थे। कॉल रिकॉर्डिग और कॉल डिटेल के डर से वह देर रात वाट्सएप कॉलिंग करती थीं। मोनिका ने ऐसे होटल और रेस्तरां के नाम भी बताए, जहां आरती और श्वेता अक्सर मीटिंग के लिए जाया करती थीं।

 

गौरतलब है कि मामले में आरोपित रही सबसे कम उम्र की छात्रा मोनिका के पिता ने अन्य आरोपितों के खिलाफ मानव तस्करी का केस दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को बहलाफुसलाकर इस दलदल में इस्तेमाल किया गया है।

 

 

जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक अभी आरोपितों के विरुद्ध मानव तस्करी का केस दर्ज है। मोनिका के बयानों से स्पष्ट हुआ कि आरती ने उसे ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया था। SIT उसे सरकारी गवाह बनाएगी। इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर दर्ज केस में उसका नाम निकाला जाएगा। गौरतलब है कि हरभजन सिंह की शिकायत पर ही इस गिरोह का राजफाश हुआ था।

 

 

SIT प्रमुख संजीव शमी ने बताया कि इस केस की गंभीरता बहुत ज्यादा है, इसलिए एसआइटी गठित की गई है। उच्च अधिकारी 'कॉम्प्रोमाइज' कर रहे हैं, मतलब मामला गंभीर है। इसी के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों को एसआइटी में जगह दी गई है। जिन लोगों की संलिप्तता पाई जाएगी, उसका नाम सामने आएगा।विशेष जांच दल (एसआईटी) की कमान संभाल रहे संजीव शमी ने कहा, 'इन आरोपियों के साथ सांठ-गांठ के लिए 10 वरिष्ठ अधिकारियों की जांच की जा रही है.' इसमें कथित रूप से कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के नेता शामिल हैं.इस गैंग का खुसाला इंदौर नगर निगम अधिकारी द्वारा आरती दयाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद हुआ. आरती दयाल ने अधिकारी से तीन करोड़ रुपये की मांग की थी.


मध्यप्रदेश के एक दर्जन शीर्ष नौकरशाहों और आठ पूर्व मंत्रियों की एक हाई प्रोफाइल जबरन वसूली रैकेट मामले में जांच की जा रही है. इस मामले में कंप्यूटर और मोबाइल फोन से बरामद 1,000 से अधिक सेक्स चैट की क्लिप, वीडियो और ऑडियो की सबूतों के लिए छानबीन की जा रही है. हनीट्रैप का यह रैकेट धनी लोगों को निशाना बनाता था. इनके निशाने पर राजनेता और नौकरशाह होते थे. इस रैकेट में पांच महिलाएं शामिल थीं, जिनमें कांग्रेस के एक पूर्व I-T सेल अधिकारी की पत्नी भी शामिल थी. पुलिस छापे में सामने आए 200 से ज्यादा मोबाइल फोन के संपर्कों से पता चला है कि यह रैकेट मध्य प्रदेश के बाहर भी सक्रिय था.पूछताछ में श्वेता जैन ने कथित तौर पर बताया कि मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली और कॉलेज जाने वाली दो दर्जन लड़कियां को इस रैकेट में शामिल किया गया था, जो कि शीर्ष अधिकारियों को राजनेताओं को लुभाती थीं. उसने कथित तौर पर कबूल किया है कि उसने कई कॉलेज की लड़कियों को नौकरियों के वादे के साथ फुसलाया और उन्हें ऑडी कार और पांच सितारा होटल की एक शानदार जीवन शैली प्रभावित किया.


 

भाजपा विधायक बिरजेंद्र सिंह का घर किराए पर लेकर एनजीओ चलाने वाली श्वेता जैन इस रैकेट की सरगना थीं. सूत्रों का कहना है कि राज्य में राजनेताओं से उनके संबंधों के अलावा, वह महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता के करीबी थीं. माना जाता है कि उन्होंने मध्य प्रदेश के एक पूर्व मंत्री की मदद से राजनेताओं के साथ संबंध स्थापित किए थे.

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