पुलिस की आँख-कान है शांति समिति के सदस्य


पुलिस की आँख-कान है शांति समिति के सदस्य। 


कानपुर। हर संकट की घड़ी में शांति समिति के सदस्य पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। यही कारण है कि अराजकतत्वों को अपना काम करने का मौका नहीं मिल पाता है। शांति समिति के सदस्य एक तरह से पुलिस के आँख व कान है। शांति समिति के सदस्यों के सहयोग से ही पुलिस बेहतर परिणाम देने में समर्थ रहती है। उक्त बातें शनिवार को क्षेत्राधिकारी गोविंद नगर आलोक सिंह ने एस-10 के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए कहीं ।थाना गोविंद परिसर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी ने कहा कि राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन व उसके बाद बारावफात एवं गुरु नानक जयंती पर शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने में एस.-10 के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।उनके सहयोग का ही परिणाम रहा कि कहीं कोई वाद- विवाद की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में तो गजब का भाईचारा देखने को मिला ।शहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव तिवारी के द्वारा हस्ताक्षरित लगभग 50 से भी अधिक सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया गया। गोविंद नगर थाना परिसर में आयोजित उक्त कार्यक्रम में प्रकाश वीर आर्य, राजेश श्रीवास्तव, सुनील दीक्षित, देवेंद्र सब्बरवाल, रणविजय सिंह राठौर, गोपाल गुप्ता, सुरेंद्र कुमार गेरा, के.के.मिश्रा आदि लोगो को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।


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