रायपुरवा मर्डर केस जैसी घटना दोहराना चाहती है बेकनगंज पुलिस, जाने क्या है मामला ????


रायपुरवा मर्डर केस जैसी घटना दोहराना चाहती है बेकनगंज पुलिस, जाने क्या है मामला ????


बढ़ते अपराधों का आधा सच, ख़ाकी की हीलाहवाली
- जान से मार देने की धमकी दिये जाने के बाद पीड़ित ने दिया प्रार्थना पत्र, पुलिस ने तहरीर लेने के 12 दिन बाद भी नहीं की कोई भी कार्यवाही
- कानपुर के थाना बेकनगंज का मामला, अपराधियों के हौसले बुलंद
- अभी हाल ही में थाना रायपुरवा अंतर्गत हुई है इसी तरह की घटना, तहरीर देने के बावजूद भी पुलिस की हीलाहवाली से हुआ था पत्रकार का मर्डर
- प्रथम दृष्टया थाना स्तर पर दिये गये प्रार्थना पत्र पर कोई कार्यवाही न करने से होती हैं ऐसी घटनायें, आखिर क्यों सुस्त है ख़ाकी
- थाना बेकनगंज समझौते करने का बना रहा है पीड़ित पर दबाव 


कानपुर महानगर -  थाना स्तर पर तहरीर लेकर पीड़ित को टहला देना ही अपराधियों के हौसले बुलंद करता है, जिससे अपराध को बढ़ावा मिलता है । ऐसा ही एक मामला शहर के बेकनगंज थानांतर्गत प्रकाश में आया है जिसमें दबंगों द्वारा मारपीट, गाली गलौज व जान से मारने की धमकी दिये जाने पर पीड़ित ने थाने में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया । प्रार्थना पत्र देने के 12 दिन बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाही करने जहमत नहीं उठाई जिससे कि अराजकतत्वों के हौसले बुलंद हैं और उनके द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है| शायद जिसका सम्बंधित थाना पुलिस इंतजार कर रही है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 95/35 पीरबक्स का हाता निवासी अयाज अहमद, थाना बेकनगंज  के साथ मो. अली अपने कुछ क्षेत्रीय  दबंगों के साथ मिलकर गाली गलौज  और मारपीट करने के साथ जान से मार देने की धमकी दी थी । जिसकी शिकायत पीड़ित ने सम्बंधित थाना बेकनगंज में विगत 20 अक्टूबर को लिखित शिकायती पत्र देकर की थी । पीड़ित द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र को थाना पुलिस ने बाकायदा रिसीव तो कर लिया लेकिन लगभग 19 दिन बीत जाने के बावजूद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं की, जिससे उक्त आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित को बार -बार परेशान व शिकायत वापस लेने की धमकी दे रहे हैं । आखिर ऐसी दशा में पुलिस की लचर कार्यप्रणाली क्या दर्शाती है ।
आपको बता दें कि विगत दीपावली की रात रायपुरवा थाना क्षेत्र में हुये घरेलू विवाद में कुछ लोगों द्वारा एक पत्रकार को जान से मार देने की धमकी दी गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, उक्त मामले में पीड़ित पत्रकार ने उसी रात रायपुरवा थाने में धमकी देने वालों के खिलाफ लिखित शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था लेकिन सम्बंधित थाना पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की थी, जिससे कि उक्त आरोपियों के हौसले बढ़े और आरोपियों ने उसी रात उस पीड़ित पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसकी लाश उन्नाव में बरामद हुई थी । मृतक द्वारा थाने में दी गई तहरीर की कॉपी भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें रायपुरवा पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया था, जिसमें सम्बंधित थाना पुलिस की खूब थू-थू हुई थी । ठीक उसी तरह का मामला कानपुर के बेकनगंज थाने का प्रकाश में आया है, जिसमें तहरीर लेने के बाद थाना पुलिस ने आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं की| अब सवाल ये उठता है कि आखिर ख़ाकी इतनी सुस्त क्यों है ??? प्रथम दृष्ट्या थाना स्तर पर पीड़ितों से तहरीर लेकर टहला देना ही बढ़ते अपराधों का आधा सच है, जिससे समूचा पुलिस विभाग बदनाम होता है ।


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