बिहार में लड़कियों की तस्करी, पैसे देकर करते हैं शादी फिर लड़की को बेच देते हैं


पिछले 12 सालों से फेक मैरिज के खिलाफ लड़ रहीं मधुबनी की सामाजिक कार्यकर्ता हेमलता पांडे कहती हैं कि, हमने सिर्फ 2017 से 2019 के बीच ही मानव तस्करी के 13 मामले पकड़े और इसमें 32 लोगों की गिरफ्तारी हुई। ये ऐसे मामले थे, जिनमें पंजाब-हरियाणा-यूपी के लोग बिहार के गांव में आए और पैसों का लेनदेन कर गरीब लड़कियों से मंदिर में शादी कर ली।


कई मामलों का सही समय पर खुलासा हो गया तो शादी तुड़वा दी गई। कुछ मामलों में यह भी पता चला कि जो लड़की शादी होकर गई है, वह हरियाणा में तीन-तीन परिवारों की बहू बनी हुई है। बहुत से मामलों में सामने आया कि लड़का कुछ साल लड़की को साथ रखता है, फिर किसी और को बेच देता है।


बिहार में झूठी शादियों का ट्रेंड कई सालों से चल रहा है। पंजाब, हरियाणा, यूपी के लोग बिहार आते हैं। वहां पैसे देकर लड़कियों से शादी करते हैं और उन्हें अपने साथ ले जाते हैं। सबसे ज्यादा मामले पंजाब-हरियाणा के होते हैं। मुसीबतों के समय ये गिरोह ज्यादा सक्रिय हो जाता है, क्योंकि लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने का मौका मिल जाता है। बिहार इन दिनों कोरोनावायरस के साथ ही बाढ़ का सामना कर रहा है। जिनके घर डूबे हैं वे सड़क पर रहने को मजबूर हैं। इन हालात में झूठी शादियों की आशंका और बढ़ गई है।


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