Kanpur में लैब असिस्टेंट की अपहरण के बाद हत्या


कानपुर में कुछ दिन पहले लैब असिस्टेंट संजीत यादव को अगवा कर लिया गया था. किडनैपर्स की ओर से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी. जिसके बाद कानपुर पुलिस ने परिवारवालों से ये पैसा देने को कहा था, लेकिन पैसा देने के बाद भी संजीत जिंदा वापस नहीं लौटे.


कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी।


सके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे पर लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया।  



एसएसपी दिनेश कुमार के अनुसार कुछ लोगों को पकड़ा गया है, जिन्होंने कबूला है कि लैब टेक्नीशियन संजीत की इन्होंने 26 या 27 जून को ही हत्या कर दी थी और पांडु नदी में शव को बहा दिया. अलग-अलग टीम गठित करके शव की तलाश की जा रही है.


बता दें एक महीने से अपहरण के इस मामले में कानपुर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.


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