आज से हर दिन 11 किसान करेंगे भूख हड़ताल




किसान एकता संघ के पूर्व प्रोग्राम के तहत कृषि कानूनों को वापस लेने का ज्ञापन मजिस्ट्रेट कार्यालय पर देना था, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में उपस्थित न होने के कारण किसान एकता संघ ने वहीं अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया।

तमिलनाडु से किसान संगठन के नेता भी आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं। वह किसानों को अंग्रेजी में संबोधित कर रहे हैं। उनके साथ एक किसान भी खड़ा है, जो भाषण को हिंदी में अनुवाद करके दूसरे किसानों तक उनकी बात पहुंचा रहा है।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी. हेम सिंह मंगलवार को मुंबई में अंबानी के घर का घेराव करेंगे। इस बीच उद्योगपति अंबानी से किसानों के समर्थन में कॉर्पोरेट को वापस बैक आउट करने की मांग करेंगे। 


दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के अलावा राजधानी के बुराड़ी के संत निरंकारी समागम ग्राउंड में भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को किसान संयुक्त मोर्चा के रामपाल सिंह ने बताया, 'इस संघर्ष को 3-4 महीने हो चुके हैं, पहले हमने ये संघर्ष पंजाब में लड़ा और अब दिल्ली में लड़ रहे हैं। जब तक ये कृषि कानून वापस नहीं होते हम नहीं जाएंगे।

भाजपा के आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा है कि एक सर्वे के अनुसार मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को भारत की बहुसंख्य जनता का समर्थन प्राप्त है और वो चाहते हैं कि किसान अपना आंदोलन खत्म कर दें।

र्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि, मोदी सरकार कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को लाने के लिए ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट फॉर एग्रीकल्चर (एनईजीपीए) परियोजना लाई है। भारत सरकार के इन सब प्रयासों के पीछे किसानों की भलाई और कृषि क्षेत्र की भलाई है।

केरल कैबिनेट ने 23 दिसंबर को सदन का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। इस विशेष सत्र में तीनों कृषि कानून पर बहस और उसे रद्द करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों का समर्थन जताने के लिए किया गया है। 





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