होंडा का प्रोडक्शन प्लांट बंद, 1997 से बन रही थी कारें


 

जापान की ऑटो कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड ने ग्रेटर नोएडा में अपने प्रोडक्शन यूनिट को बंद कर दिया है. खबरों की मानें तो प्रतिस्पर्धा और बिजनेस के चुनौतीपूर्ण माहौल के कारण कंपनी ने ये फैसला लिया है. हालांकि होंडा कंपनी ने इस मामले पर अभी तक अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है

ग्रेटर नोएडा के इस प्लांट में सालाना 1 लाख कारें बनकर बाहर निकलती थीं. होंडा के ग्रेटर नोएडा यूनिट में होंडा सिटीऔर जैसी कारें बनाई जाती थी. भारत में इन कारों की अच्छी-खासी मार्केट है, लेकिन पिछले दिनों कंपीटीशन बढ़ने से मांग थोड़ी घटी है. 

ग्रेटर नोएडा में इस प्लांट की स्थापना 1997 में की गई थी. खबरों की मानें तो खर्चे कम करने के लिए कंपनी ने ये कदम उठाया है. रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में होंडा का यह प्लांट 150 एकड़ की जमीन में फैला है. 



रिपोर्ट के मुताबिक इस प्लांट में दिसंबर की शुरुआत से ही प्रोडक्शन बंद है. रिपोर्ट की मानें तो सभी कारों का प्रोडक्शन अब कंपनी के राजस्थान के अलवर स्थित तपुकारा प्लांट में होगा. हालांकि ग्रेटर नोएडा के प्लांट को बंद करने को लेकर कंपनी ने किसी भी प्रकार की सार्वजनिक रिपोर्ट जारी नहीं की है.

ग्रेटर नोएडा में विनिर्माण से जुड़े कर्मचारियों को तपुकारा प्लांट में शिफ्ट कर दिया गया है. कहा जा रहा है कि अब ग्रेटर नोएडा प्लांट में कर्मचारियों की संख्या घटकर 1000 रह गई थी. जिसमें अधिकांश ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का विकल्प चुना है.

राजस्थान के तापुकरा प्लांट में सालाना 180,000 यूनिट्स होंडा की कारें बनकर बाहर निकलती हैं. कंपनी का कॉर्पोरेट कार्यालय और आरएंडडी विभाग ग्रेट नोएडा से काम करना जारी रखेगा. ग्रेटर नोएडा के इस प्लांट में साल 1997 में प्रोडक्शन शुरू हुआ था, तब सालाना 30,000 कारें बनती थीं.


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