अमित शाह कुछ किसान नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया


 


केंद्र के हालिया कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान संघों के आज राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान को कुछ मजदूर संघों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है. हालांकि किसान नेताओं ने कहा है कि किसी को भी बंद में शामिल होने के लिये बाध्य नहीं किया जाएगा. लगभग सभी विपक्षी दलों द्वारा ‘भारत बंद' को समर्थन देने और कई संगठनों के किसानों के समर्थन में समानांतर प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद केंद्र ने परामर्श जारी करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सुरक्षा बढ़ाने और शांति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. सभी से “सांकेतिक” बंद में शामिल होने की अपील करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि अपने प्रदर्शन के तहत पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक वे “चक्का जाम” प्रदर्शन किया. 3 बजने से 5 मिनट पहले ही खोल दिया गया लेकिन उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने वाले हिस्से को अभी भी बंद रखा है.प्रदर्शन के तहत उत्तरी राज्यों खासकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के किसान सड़कों पर उतरे हैं.


किसानों ने NH-24 खोला, यूपी से दिल्ली आने वाले हिस्से को अभी बंद रखा

 

कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने तय कार्यक्रम के तहत आज तीन बजे NH-24 खोल दिया. इस हाइवे को 11 बजे बंद किया गया था. करीब 4 घंटे बाद किसानों ने इस हाइवे को खोल दिया लेकिन यूपी से दिल्ली आने वाले हिस्से पर बंद रखा है. 

 

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