नहीं पड़ेगा बस्ते का बोझ, जानें-क्या है नई स्कूल बैग नीति

 


कानपुर। नए सत्र में अब स्कूल खुलते हैं तो बच्चों की पीठ पर भारी-भरकम बैग का बोझ चेहरे पर परेशानी को दर्शाता है। स्कूलों का पाठ्यक्रम तय न होने के चलते आवश्यकता से अधिक कॉपी-किताबें और स्टेशनरी बैग में रखकर ले जाना छात्रों की मजबूरी होती है। हालांकि अब केंद्र सरकार ने नहीं स्कूल बैग नीति तैयार की है, जिससे छात्रों की पीठ पर से बस्ते का बोझ कम हो जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई स्कूल बैग की नई नीति अगले सत्र से केंद्रीय विद्यालयों में लागू हो जाएगी। इसमें कक्षावार छात्रों के लिए बैग का भार तय कर दिया गया है और नोटबुक व फोल्डर की संख्या भी निर्धारित कर दी गई। सभी केंद्रीय विद्यालयों में आगामी सत्र से स्कूल बैग नीति का क्रियान्वयन कराना अनिवार्य होगा, इसके लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने प्रधानाचार्यों को इस बाबत दिशा-निर्देश दे दिए हैं।

केंद्र सरकार ने स्कूल बैग नीति को लेकर सभी नियमों की जानकारी दे दी है। अब नए सत्र में जब स्कूल खुलेंगे तो छात्रों को बैग में अतिरिक्त कॉपी-किताबें नहीं लानी पड़ेंगी। उनका एक सिस्टमैटिक पाठ्यक्रम तैयार होगा। जितना बैग का वजह होना चाहिए, उसी हिसाब से कॉपी-किताबें सेट कर दी जाएंगी।


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