भागा कोरोना संक्रमित एक बंदी अब भी लापता

 


जटिया सरकारी अस्पताल में बनाए गए कोविड एल-2 से चार बंदी भाग गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों में अफरातफरी मच गई। हालांकि तीन आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। मौके पर पहुंचे एसएसपी और सीएमओ ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। 

नगर क्षेत्र के गांव ढाकर निवासी मोनू पुत्र जय प्रकाश, रिंकू पुत्र जय प्रकाश को धोखाधड़ी के मामले में पकड़ा गया था। वहीं, इस्लामाबाद निवासी यामीन पुत्र रहीस को छेड़छाड़ के मामले में पकड़ा गया था। जेल जाने से पूर्व 19 दिसंबर को जटिया अस्पताल में बने कोविड एल-2 में कोरोना जांच के लिए लाया गया था। पॉजिटिव मिलने पर तीनों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहीं 20 दिसंबर को कोतवाली देहात क्षेत्र के असद उर्फ अरशद को चोरी के मामले में पकड़ा गया था। 

जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसे भी कोविड एल-2 में भर्ती कराया गया था। रविवार की देर शाम चारो आरोपी स्वास्थ्य कर्मियों को चकमा देकर अस्पताल से भाग गए। पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को जब इसकी जानकारी मिली तो उनके हाथपांव फूल गए। इसके बाद चारो आरोपियों की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया। जबकि चौथा आरोपी अशद उर्फ अरशद की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। 

उधर घटना की जानकारी होते ही एसएसपी संतोष कुमार सिंह, सीएमओ भवतोष शंखधर समेत आला अफसर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया है। चौथे की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में जिस स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



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