बस डिपो में लेनदेन को लेकर वेल्डर की हत्या

 


कानपुर। किदवई नगर रोडवेज बस डिपो में लेनदेन को लेकर वेल्डर की हत्या के मामले में पुलिस के सामने से हत्यारोपित निकल गया। अब पुलिस घायल आरोपित सहायक मैकेनिक को तलाश रही है। अब वह किस अस्पताल में हैं पुलिस को जानकारी नहीं है। पूरे परिवार ने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए हैं। उपचार के लिए सहायक मैकेनिक को पहले एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मूलरूप से दिबियापुर निवासी 60 वर्षीय रामप्रकाश माथुर नौबस्ता खाड़ेपुर में परिवार के साथ रहते थे और किदवई नगर डिपो में वेल्डर के पद पर तैनात थे। बेटी की शादी के लिए उन्होंने वर्ष 2015-16 में डिपो में सहायक मैकेनिक पद पर तैनात बर्रा निवासी प्रमोद कुमार दुबे से कुछ रकम उधार ली थी। रकम अदा करने के बाद भी वह पिता पर लगातार ब्याज देने के लिए दबाव डाल रहे थे। जिसे लेकर कई बार पहले भी विवाद और मारपीट हुई थी।

28 अक्टूर 2020 को राम प्रकाश दोपहर तीन बजे वाली शिफ्ट में ड्यूटी गए थे और देर शाम किदवई नगर पुलिस ने दोनों के गंभीर हालत में डिपो में पड़े होने की जानकारी मिली थी। उन्हें लेकर स्वजन पुलिस के साथ एलएलआर अस्पताल पहुंचे था, जहां डॉक्टरों ने वेल्डर को मृत घोषित किया था। स्वजन ने प्रमोद कुमार पर पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया था। दूसरे दिन वेल्डर की पत्नी ने सहायक मैकेनिक पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इधर पुलिस ने कर्मचारियों ने पूछताछ की, लेकिन सही जानकारी किसी से नहीं मिली थी। पुलिस को प्रमोद के होश में आने का इंतजार था।

सीओ बाबूपुरवा आलोक कुमार ने बताया पहले स्वजन ने प्रमोद कुमार को एसजीपीजीआई ले जाने की बात कही। बाद में दिल्ली के अस्पताल में इलाज की जानकारी हुई। वहां पता किया गया तो उनके भर्ती न होने की जानकारी हुई।

सीओ बाबूपुरवा ने बताया कि पूरे परिवार ने फोन बंद कर दिए है। कहाँ किस अस्पताल में इलाज हो रहा पता नहीं चल पाया है। वहीं आरोपित के भाई से संपर्क किया गया था। उसने भी जानकारी नहीं दी। अब उसका भी मोबाइल बंद है।

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