गांव का पता भूलकर हाईवे पर भटक रही थी मां-बेटी


ग्रेटर नोएडा में UP पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। यहां अपने दामाद के घर जाने के लिए निकली एक महिला व उसकी बेटी रास्ता भटक गई। वह परेशान होकर हाइवे पर घूम रही थी। वह मथुरा से आई थी। लेकिन पुलिस ने दो घंटे के प्रयास के बाद महिला के दामाद का सटीक पता निकालकर उसे सुरक्षित वहां पहुंचा दिया। अब लोग पुलिस के इस नेक कार्य की सराहना कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि यदि पुलिस ने मदद नहीं की होती तो कोई अनहोनी भी हो सकती थी।

 रात करीब 8:10 बजे एक महिला अपनी 3 साल की बच्ची के साथ एक्सप्रेस-वे पर परेशान हाल में इधर-उधर भटक रही थी। तभी नॉलेज पार्क पुलिस गश्त पर निकली थी। पुलिस कर्मियों की नजर महिला व उसकी बेटी पर पड़ी तो टोका। महिला ने बताया कि उसका नाम सरबती है। पति का नाम दुलीचंद है। वह सुरीर, मथुरा से नोएडा में अपनी बेटी के यहां जाने के लिए आई थी। मेरी बेटी सहनजी गांव में रहती हैं, जो एक्सप्रेस वे के पास ही पड़ता है। इस पर डेल्टा कंट्रोल रूम के माध्यम से सहनजी गांव की जानकारी सभी थानों से कराई गई। लेकिन इस नाम का कोई गांव पूरे गौतमबुद्धनगर जिले में नहीं पाया गया।

महिला के पास किसी का भी मोबाइल नंबर भी नहीं था। पढ़ी लिखी न होने की वजह से कुछ खास बता भी नहीं पा रही थी। महिला रास्ता भटकने के कारण घबराई हुई थी। ऐसे महिला पुलिसकर्मियों ने उसे हिम्मत बंधाते हुए उससे बातचीत जारी रखी। तभी पुलिसकर्मियों ने अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए पूछा कि गांव का नाम सहनजी न होकर कहीं पंप न हो तो महिला से पूछा गया कि क्या सहनजी के पास गाड़ियां खड़ी होती हैं तो तब उसने बताया कि हां वहां बसें भी खड़ी होती हैं।

तब फिर डेल्टा कंट्रोल के माध्यम से हाइवे के पास पड़ने वाले सभी  पंपों की जानकारी की गई तो थाना इकोटेक प्रथम एरिया में मुरसदपुर गांव के पास पंप बताया गया। महिला को पंप के पास ले गए। पंप देखते ही महिला चेहरा खिल गया व खुश होकर बोली यही है। फिर आगे का घर तक का रास्ता महिला ने स्वयं बताया। महिला को सुरक्षित उसकी पुत्री व दामाद के सुपुर्द किया गया।

महिला के दामाद विजयपाल ने बताया कि ये दिन के 2 बजे से सुरीर से चली हुई हैं। हम लोगो ने इनकी चिंता में खाना तक नहीं खाया। हम भी किसी अनहोनी से डरे हुए थे। महिला व उसके परिजनों के आंखें भर आई व पुलिस का बार-बार हाथ जोड़कर धन्यवाद किया।



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