राष्ट्रीय राजमार्ग के नीचे टूटी पाइपलाइन को बनवाने हेतु के.के. सिंह का आमरण अनशन


 कानपुर। क्षेत्रीय निवासी समाजसेवी के. के. सिंह चकित ने बताया न खऊँगा अन्न, न पीयूगाँ जल, अब जागेंगे जनप्रतिनिधि, विभाग जलकल। अनिश्चितकालीन धरना का आठवां दिन समाप्त, कथन अनुसार आमरण अनशन प्रारम्भ, आज तीसरा दिन हैं। क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) के नीचे से गुजरने वाली जलकल कि टूटी पाइपलाइन की मरम्मत के लिए पूर्व में भी अनिश्चितकालीन धरना पर बैठा तब कार्य प्रारम्भ हुआ। 3 महीने पूर्व मरम्मत का कार्य हुआ, पर वह सफल नहीं हुआ, और पुनः फिर से लीकेज हो गया हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) फिर उसी स्थान पर धँस रहा हैं। अधिक जल व्यर्थ हो रहा हैं। यह कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। आठ दिन पूर्व नेशनल हाइवे से गुजर रहें, जेई अनिल यादव जी (जलकल) को रोककर लीकेज दिखाया। सभी लीकेज की पुनः ईमानदारी के साथ मरम्मत हो, इसके पश्चात् क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) का निर्माण हो। क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) होने के कारण हमारे ईश्वर तुल्य प्रिय जवान, किसान, कोरोनायोद्धा, राहगीरों व क्षेत्रीय लोगों पर जानमाल की समस्या बनी हुईं हैं, दुर्घटना भी होती रहती हैं, अधिक धुल उड़ती हैं, प्रदूषण होता हैं, तथा राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) की रात्रि के समय लाइट भी नहीं जलती हैं, या उचित प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं हैं। अगर किसी नेता, अधिकारी का कार्य हैं तो, वह तत्काल पूर्ण हो जाएगा, परन्तु जनता के हित का कार्य क्यों नहीं। ऊपर से नीचे तक एक ही पार्टी के गणमान्य हैं, फिर भी यह समस्या बनी हुईं हैं, क्यों। नेता व अधिकारी से ज्ञात होता हैं की, बजट का आभाव हैं, परन्तु जनता के हित को प्राथमिकता न देते हुए, कोरोनाकाल से ही मदिरालय (शराब का ठेका) प्रारम्भ हो गए थे, अभी तक बजट नहीं हो पाया हैं, अथवा बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा कर रहें हैं, नेता व अधिकारी। प्रतिदिन सैकड़ों नेता व अधिकारी इस क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) से यात्रा करते हैं, क्या उनको यह खतरनाक समस्या नहीं दिखती हैं, या आँखें बंद कर लेते हैं। हमारे मतदान का सदुपयोग नहीं हो रहा हैं। नेता व अधिकारी की लापरवाही से प्रतिदिन लाखों लीटर जल व्यर्थ होता हैं, और यहाँ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जल सरंक्षण की, होल्डिंग लगवाते हैं, 22/मार्च विश्व जल दिवस पर। पूर्ण कानपुर में नेता, अधिकारी, जलकल विभाग, व जल निगम की लापरवाही के कारण अधिक जल व्यर्थ हो रहा हैं, और सड़कें खराब हैं।