कानपुर में फिर चलेंगे प्री-पेड आटो-टैक्सी


 कानपुर। यात्रियों की सुविधा के लिए सेंट्रल स्टेशन पर प्री-पेड ऑटो टैक्सी बूथ की शुरुआत की गई थी, लेकिन यह बूथ अनियमितताओं की भेंट चढ़ गया। शिकायतों को देखते हुए इसे रेलवे अधिकारियों के आदेश पर बंद कर दिया गया था। अब इसे फिर से चलाने की कवायद शुरू हो गई है।

सेंट्रल स्टेशन के सिटी और कैंट साइड में प्री-पेड ऑटो टैक्सी बूथ की शुरुआत 2015-16 में की गई थी। इसका संचालन किसी एजेंसी को न देकर जीआरपी ने अपने हाथों में लिया था। इससे यात्रियों के साथ घटनाएं जरूर रुकीं, लेकिन आटो टैक्सी वालों का शोषण बढ़ गया। कोविड संक्रमण के दौरान लॉकडाउन शुरू हुआ तो रेल का पहिया रुकने के साथ ही ये भी पूरी तरह बंद हो गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेनें फिर शुरू हुई हैं, ऐसे में इसे शुरू किया जाना चाहिए।

यह थी व्यवस्था सेंट्रल स्टेशन से रजिस्टर्ड टेंपो, टैक्सी और आटो को ही चलाने की अनुमति थी। यात्रियों को यहां से लेकर जो भी वाहन निकलता था, बूथ पर सिपाही वाहन का नंबर, ड्राइवर का नाम पता दर्ज करते थे। इसके लिए वाहन चालक को दस रुपये देने होते थे। यात्री किराया बूथ पर जमा करता था, जिसकी पर्ची उन्हें दी जाती थी। सवारी को छोड़कर आने पर बूथ में जमा किराया वाहन चालक को दिया जाता था। यहां तक तो सब नियम के मुताबिक था, लेकिन जब वाहन चालक किराया लेने आते थे तो सिपाही कमीशन काट लेते थे। इसी शिकायत पर इसे बंद किया गया।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि प्री-पेड बूथ की शुरुआत हो। ऐसे में बूथ संचालन के लिए निजी कंपनी ओला और उबर ने अधिकारियों से संपर्क किया है, लेकिन वह लाइसेंस फीस नहीं देना चाहते। अधिकारियों के मुताबिक अब बूथ की जो भी व्यवस्था होगी, वह पारदर्शी तरीके से शुरू की जाएगी।