अगर पुलिस न करती 'बड़ी चूक' तो गिरफ्त में होते लुटेरे

 


आगरा के सदर क्षेत्र में हुई बैंक डकैती के बाद बदमाश मुख्य मार्ग की जगह गांव के रास्ते से भागे थे। पुलिस को 20 मिनट बाद ही सूचना मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने चूक की। चौराहों पर ही चेकिंग करती रही। अन्य रास्तों पर पुलिस नहीं भेजी गई, जिससे बाइक खराब होने पर भी बदमाश भागने में सफल रहे। इस चूक पर एडीजी जोन अजय आनंद ने थाना पुलिस से जवाब-तलब किया है। पूछा है कि सूचना कब मिली, पुलिस ने चेकिंग कब शुरू की और देहात के रास्तों पर चेकिंग क्यों नहीं की?

मंगलवार शाम को 4:50 बजे चार बदमाशों ने इंडियन ओवरसीज बैंक में डाका डाला था। बदमाश दो बाइक पर आए थे। उन्होंने मंकी कैप, हेलमेट, जैकेट पहन रखी थी। बदमाश कर्मचारियों को बंद करके चले गए थे। पांच मिनट बाद बैंक में आई एक महिला ग्राहक ने गेट खोला था। इसके बाद मैनेजर ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस बैंक पहुंच भी गई। बदमाशों को पकड़ने के लिए चेकिंग के निर्देश दिए गए। रोहता चौराहे पर भी चेकिंग शुरू करा दी गई। बुधवार को बदमाशों के फुटेज सामने आए थे।  



बदमाश रोहता गांव से निकलने वाले रास्ते से गए थे। यह रास्ता इरादतनगर की ओर जाता है। अब पता चला है कि यहां पुलिस का बैरियर ही नहीं है। चेकिंग कराई ही नहीं गई। बदमाश बाइक खराब होने पर भी आगे बढ़ते गए। चेकिंग के लिए कोई था ही नहीं। 


पुलिस की ईगल मोबाइल को सिर्फ यह काम सौंपा गया है कि वह अपराधियों का सत्यापन करे। यह मालूम किया जाए कि किस क्षेत्र में कौन से अपराधी सक्रिय हैं। इस पर काम नहीं हुआ। पुलिस अब मालूम कर रही है कि यहां कौन से अपराधी सक्रिय हैं। 

शहर में बैंक में लूट की घटना के बाद भी पुलिस सतर्क नहीं है। बैंकों की चेकिंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गुरुवार को कई बैंकों में गार्ड नहीं होने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। वहीं बैरियर पर भी पुलिसकर्मी नदारद रहे। बाग फरजाना स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में गार्ड नहीं था। बैंक कर्मियों का कहना था कि कभी-कभार ही पुलिस आती है। एमजी रोड स्थित यूको बैंक में भी गार्ड नहीं था। पुलिस भी नजर नहीं आई। नालबंद चौराहे पर बैरियर लगे थे, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं थे। 


5 दिसंबर को शाम करीब 4.50 बजे पांच बदमाशों ने रोहता स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में 57 लाख रुपये की डकैती डाली थी। वारदात के बाद बदमाश बाइक से फरार हो गए। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी ले गए। दो जगह से पुलिस को घटना के बाद के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इनमें बदमाश भागते नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस की कई टीमें बदमाशों की तलाश में लगी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बबलू कुमार का कहना है कि जो भी बैंक में डकैती डालने वाले बदमाशों के बारे में सही जानकारी देगा, जिससे वारदात का खुलासा होगा, उसे एक लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उधर पुलिस ने रोहता, ग्वालियर रोड के लोगों से भी मदद मांगी है। इनसे कहा गया है कि बदमाशों के बारे में कोई भी जानकारी हो तो पुलिस से साझा करें। 



Featured Post

भारत सरकार ने दूरस्थ शिक्षा की गुणवत्ता पर लगाई मोहर: प्रोफेसर सीमा सिंह

कानपुर। मुक्त और दूरस्थ शिक्षा को उच्च शिक्षा से वंचित ग्रामीण अंचलों के शिक्षार्थियों के द्वार तक ले जाने में अध्ययन केंद्र बहुत महत्वपूर्ण...