पछुआ हवानों ने बढ़ाई गलन, ठिठुरने को मजबूर हुए लोग

 


पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। पछुआ हवा चलने के कारण ठिठुरन बढ़ गई है। बुधवार सुबह राजधानी की सुबह कोहरे की चादर में लिपटी रही। हालांकि 9 बजे के करीब कोहरा छंट गया। मंगलवार को भी मौसम में ठंडक बनी रही, हालांकि दिन में धूप भी निकली। लेकिन उसमें तपिश ज्यादा नहीं थी। मंगलवार को अधिकतम ताममान 22.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी लखनऊ में मंगलवार शाम से बर्फीली हवाएं चल रही हैं। इससे गलन बढ़ गई है। रात में निकले मुसाफिर ठिठुरते दिखाई दिए। लोगों ने ठंड दूर करने के लिए अलाव का सहारा लिया। मंगलवार को लखनऊ समेत आसपास के इलाकों में अधिकतर समय बादल छाए रहे‚ लेकिन मौसम शुष्क रहा।

मौसम के जानकारों के मुताबिक प्रयागराज, मिर्जापुर‚ वाराणसी‚ गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बारिश के आसार फिलहाल इस सप्ताह नहीं हैं। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि तीन–चार दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर और कम होने की वजह से ठंड व कोहरे में जबरदस्त इजाफा होगा। बुधवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में घना कोहरा छा सकता है।

प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम पूरी तरह से शुष्क बना हुआ है। दो दिन से मुजफ्फरनगर व मेरठ में कड़ाके की ठंड पड़ी। इस दौरान शीतलहर भी चली। इसके अलावा लखीमपुर खीरी‚ झांसी‚ उरई‚ हमीरपुर में भी दिन के समय कड़ाके की ठंड पड़ी और अधिकतम पारा 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गया। प्रयागराज में दिन का मौसम कुछ गर्म रहा। वहां अधिकतम पारा 28.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ हुआ‚ जो सामान्य से 2 डिग्री सेल्सियस ऊपर था।


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