मेरठ में खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई

 


हवा की गति थमते ही स्मॉग और कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। दिसंबर में पहली बार फिर से एक्यूआई 443 पहुंच गया, जो दिवाली के बाद से सबसे ज्यादा रहा। एक्यूआई का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. यूपी शाही का कहना है कि जब कोहरा और स्मॉग मिल जाते है तो एक्यूआई बढ़ने से यह और भी खतरनाक हो जाता है।

अभी दो तीन दिन ऐसी ही स्थिति रहेगी। 26 दिसंबर से फिर एक पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर सक्रिय हो रहा है, जिसके बाद वेस्ट यूपी में मौसम साफ होगा और ठंड भी बढे़गी। कुछ दिन पहले एक्यूआई 100 था जो सोमवार को 370 रहा था।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार सर्द मौसम में जब भारी यातायात वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो हवा की गति कम होने से यह धुआं और धुंध को एक जगह स्थिर होकर स्मॉग को बनाता है। धूल के महीन कणों से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। यह कई गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता है।

शीतलहर बंद होते ही दो दिन से धूप खिलने से सर्द मौसम में भी तापमान बढ़ना शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह और रात को कोहरा छाया रहा। मौसम में बदलाव के चलते दिन और रात का तापमान 1-1 डिग्री बढ़ गया। अधिकतम आर्द्रता 94 व न्यूनतम आर्द्रता  47 प्रतिशत दर्ज की गई।




Popular posts from this blog

घायलों की मदद करने वाले समाजसेवियों को किया गया सम्मानित

पूनम्स पब्लिक स्कूल में हुआ विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन

नेशनल मीडिया प्रेस क्लब हर सदस्य को उपलब्ध कराएगा स्वरोजगार का अवसर