जडेजा ने कप्तान टिम पेन को आउट किया


 भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट की सीरीज का दूसरा मैच मेलबर्न में खेला जा रहा है। इस बॉक्सिंग-डे टेस्ट के तीसरे दिन टीम इंडिया ने पहली पारी में 326 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया टीम ने अपनी पहली पारी में 195 रन बनाए थे। इस लिहाज से भारत ने पहली पारी में 131 रन की बढ़त बना ली। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 99 रन पर ही 6 विकेट गंवा दिए। फिलहाल, कैमरून ग्रीन और पैट कमिंस क्रीज पर हैं।डेब्यू मैच खेल रहे मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया को 5वां झटका दिया। उनकी बॉल पर ट्रेविस हेड 17 रन बनाकर मयंक अग्रवाल के हाथों कैच आउट हुए।

रविंद्र जडेजा ने ऑस्ट्रेलिया के दो खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। उन्होंने मैथ्यू वेड को 40 रन पर  किया। इसके बाद कप्तान टिम पेन को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट कराया।

दूसरी पारी के 35वें ओवर की चौथी बॉल मैथ्यू वेड के हेलमेट में लगी। यह बाउंसर बुमराह ने की थी। बॉल इतनी तेज थी कि हेलमेट डैमेज हो गया। इस कारण मैथ्यू वेड को यह तुरंत बदलना पड़ा। अच्छी बात यह है कि वेड को कोई चोट नहीं आई।

स्टीव स्मिथ लगातार दूसरी पारी में फ्लॉप रहे। वे 0 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें जसप्रीत बुमराह ने क्लीन बोल्ड किया। पहली पारी में वे खाता भी नहीं खोल सके थे। टेस्ट करियर में उनका एक मैच में यह दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उन्होंने 2013 के लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 3  रन बनाए थे।

मार्नस लाबुशेन 28 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। रविचंद्रन अश्विन की बॉल पर अजिंक्य रहाणे ने स्लिप में उनका कैच लपका। उमेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका दिया। उन्होंने जो बर्न्स को 4 रन पर पवेलियन भेजा। विकेटकीपर ऋषभ पंत ने बर्न्स का कैच लिया।

बॉलर अश्विन और फील्डर रहाणे की जोड़ी ने मिलकर टेस्ट में अब तक 27 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा है। इस मामले में उन्होंने भारतीय जोड़ी वीवीएस लक्ष्मण और अनिल कुंबले की जोड़ी को पीछे छोड़ दिया। इस पूर्व जोड़ी ने 26 खिलाड़ियों को आउट किया था। अश्विन-रहाणे की जोड़ी ने इस मैच में लाबुशेन को आउट कर यह रिकॉर्ड बनाया। सबसे ज्यादा विकेट के मामले में यह जोड़ी भारतीयों में तीसरे नंबर पर है। अब तक बॉलर कुंबले और फील्डर राहुल द्रविड़ की जोड़ी ने सबसे ज्यादा 55 खिलाड़ियों को आउट किया।

भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के 8वें ओवर में चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए हैं। उन्होंने पैर में दर्द की शिकायत की। उमेश 3.3 ओवर ही गेंदबाजी कर सके और एक विकेट लिया। उनका ओवर मोहम्मद सिराज ने पूरा किया।

टीम इंडिया ने सीरीज के पहले टेस्ट की पहली पारी में भी बढ़त ली थी। इस लिहाज से भारत ने 35 साल पुराने एक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। 1985-86 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो टेस्ट की पारी में बढ़त बनाई थी। पहले एडिलेड टेस्ट ऑस्ट्रेलिया द्वारा बनाए गए 381 रन के जवाब में भारत ने 520 रन बनाए थे। जबकि मेलबर्न में खेले गए इसी सीरीज के दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के 262 के स्कोर के जवाब में 445 रन बनाए थे। हालांकि दोनों मैच ड्रॉ हुए थे।


  • भारतीय टीम एक सीरीज के लगातार दो टेस्ट कभी नहीं हारी है। जबकि उसने दोनों मैच की पहली पारी में बढ़त बनाई हो।
  • मेलबर्न के मैदान पर 100 से ज्यादा रन की बढ़त के साथ पिछली बार 2010 में ऑस्ट्रेलिया टीम इंग्लैंड को 89 रन से हराया था।
  • टीम इंडिया भी एक बार मेलबर्न में 100+ रन की बढ़त के साथ एक मैच जीत चुकी है। उसने 1980 में 182 रन की बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया को 59 रन से हराया था।

पहली पारी में भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 223 बॉल पर सबसे ज्यादा 112 और ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने 159 बॉल पर 57 रन बनाए। शुभमन गिल 45 रन की पारी खेलते हुए डेब्यू मैच में फिफ्टी से चूक गए। ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। उनके अलावा पैट कमिंस और नाथन लियोन को 2-2 सफलता मिली।

सीरीज के पहले टेस्ट की तरह इस मैच में भी भारत की पहली पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। मयंक अग्रवाल पारी के पहले ही ओवर में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद डेब्यू मैच खेल रहे शुभमन ने चेतेश्वर पुजारा के साथ 61 रन की पार्टनरशिप कर पारी को संभाला। यहां 64 रन पर टीम ने दो विकेट और गंवा दिए। शुभमन और पुजारा भी आउट हुए।

यहां से कप्तान रहाणे ने एक छोर को संभाले रखा। उन्होंने हनुमा विहारी के साथ चौथे विकेट के लिए 52 और ऋषभ पंत के साथ 5वें विकेट के लिए 57 रन की पार्टनरशिप की। इसके बाद रहाणे ने जडेजा के साथ छठवें विकेट के लिए सबसे जरूरी 245 बॉल पर 121 रन की पार्टनरशिप कर टीम का स्कोर 300+ तक पहुंचाया।

तीसरे दिन टीम इंडिया ने 5 विकेट पर 277 रन से आगे खेलना शुरू किया था। रहाणे और जडेजा ने शतकीय साझेदारी पूरी की, लेकिन एक रन लेने के चक्कर में रहाणे रनआउट हो गए। यह पारी का टर्निंग पॉइंट रहा। यहां से टीम संभल नहीं सकी। तीसरे दिन टीम इंडिया का स्कोर 293 रन पर 5 विकेट ही था। इसके बाद 32 रन बनाने में टीम ने 5 विकेट गंवा दिए।

रहाणे ने टेस्ट करियर की 12वीं सेंचुरी लगाई। वे अपने टेस्ट करियर में पहली बार रनआउट हुए। उन्होंने जडेजा के साथ छठवें विकेट के लिए 245 बॉल पर 121 रन की पार्टनरशिप की। जडेजा ने भी टेस्ट करियर की 15वीं फिफ्टी लगाई। ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर रहाणे का यह दूसरा शतक रहा। इससे पहले 2014 में बॉक्सिंग-डे टेस्ट में उन्होंने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर ही 147 रन की पारी खेली थी।

रहाणे टेस्ट में सेंचुरी लगाने वाले 12वें भारतीय कप्तान हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट में शतक लगाने वाले 5वें भारतीय कप्तान हैं। रहाणे ने में 2 शतक लगाए हैं। वे ऐसा करने वाले दूसरे भारतीय कप्तान हैं। इससे पहले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने 1999/00 सीरीज में यह उपलब्धि हासिल की थी।

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