किसान संगठनों के 40 नेताओं ने बैठक के दौरान कृषि कानून की खामियों पर रखी अपनी बात


किसान नेताओं ने अपने स्तर पर शुक्रवार चार दिसंबर को पांचवें दौर की बैठक के लिए राय मशविरा किया। आज दोपहर दो बजे केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और वाणिज्य तथा रेलमंत्री पीयुष गोयल की फिर किसानों से मुलाकात प्रस्तावित है। इससे पहले किसान आंदोलन को लेकर चर्चा के लिए आज सुबह पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी के घर पर बैठक हुई जो करीब दो घंटे तक चली। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे।


इसके बाद सरकार विज्ञान भवन में किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुला सकती है। पांचवें दौर की बैठक में केंद्र सरकार किसानों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों पर बीच का रास्ता निकालने का प्रस्ताव रख सकती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार एमएसपी समेत कुछ किसान की मांगों को लेकर कार्यकारी आदेश के समाधान का प्रस्ताव रख सकती है। वहीं किसान संगठनों ने ठोस नतीजा आने पर ही आंदोलन खत्म करने का मन बनाया है।
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) नेता एचएस लखोवाल का कहना है कि सरकार के सामने किसान संगठनों के 40 नेताओं ने बैठक के दौरान तीनों कृषि कानून की खामियों पर बिंदुवार अपनी बात रखी है। केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्र सरकार ने भी माना है कि किसानों की कई मांगों पर विचार किया जाएगा। हमनें सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। किसान संगठन राजेवाल गुट के नेता का कहना है कि सरकार का संशोधन का प्रस्ताव मंजूर नहीं होगा। केंद्र सरकार को तीनों कानूनों को वापस लेना पड़ेगा।


 


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