कोविड-19 को लेकर रेलवे की लापरवाही लोको पायलट सस्पेंड

निलंबित लोको पायलट मानते हैं कि कोविड-19 के सुरक्षात्मक उपायों में लापरवाही को लेकर रेलवे के खिलाफ आवाज उठाने पर ही यह ऐक्शन लिया गया है। ऐसे में वह अपने बॉस को



नागपुर
कोविड-19 से सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा उठाने को लेकर कथित तौर पर निलंबित किए एक लोको पायलट ने तंज कसते हुए अपने बॉस को शहद गिफ्ट किया है। लोको पायलट का कहना है कि भले ही रेलवे उनके स्वास्थ्य को लेकर सतर्क नहीं था लेकिन वह अपने बॉस की हेल्थ के लिए काफी चिंतिंत है और इसलिए शहद गिफ्ट कर रहे हैं।

साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन के सस्पेंड हो चुके वरिष्ठ लोको पायलट केसी प्रधान ने 6 नवंबर को अपने बॉस सिनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजिनियर (SrDEE) कुणाल कपूर को लेटर लिखा जिन्होंने उन्हें 2 नवंबर को सस्पेंड किया था।


रेलवे के खिलाफ आवाज उठाने पर हुआ सस्पेंशन
हालांकि प्रधान के सस्पेंशन के पीछे स्पष्ट वजह नहीं बताई गई लेकिन उनका मानना है कि कोविड-19 को लेकर सुरक्षात्मक उपायों में लापरवाही बरतने को लेकर रेलवे के खिलाफ आवाज उठाने पर ही यह ऐक्शन लिया गया है।


रेलवे डॉक्टरों की लापरवाही से परिवार हुआ कोरोना संक्रमित
प्रधान को लगता है कि उनका सस्पेंशन नागपुर स्टेशन पर विदर्भ एक्सप्रेस को 17 मिनट की देरी से पहुंचाने पर हुआ है। दरअसल प्रधान कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। वह कहते हैं कि रेलवे डॉक्टरों की लापरवाही के चलते वायरस ने उनके परिवार को भी संक्रमित कर दिया।

लोको पायलट के रूप में 30 साल की सर्विस
अपने बॉस को लेटर में उन्होंने लिखा, 'आप भले ही मेरे स्वास्थ्य की चिंता न कर सके हों लेकिन मुझे आपकी फिक्र है और आपको शहद गिफ्ट करना चाहता हूं ताकि आप अपनी इम्युनिटी बढ़ा सके।' केसी प्रधान रेलवे में लोको पायलट के रूप में 30 साल एक्सिडेंट फ्री सेवा पूरी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें रिटायरमेंट तक सस्पेंड किए जाने से खुशी होगी।


 


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